राजनीति अनपढ़ या पढ़ीलिखी 🤣
सोच रहा हूं की जब शुरुवात करनी ही हैं तो क्यों ना राजनीति से की जाए । क्युकी राजनीति एक ऐसा स्थान है जहां पर पढ़े लिखे लोगों से ज्यादा अनपढ़ लोगो का भंडार ज्यादा पाया जाता है। जो लोग पढ़ लिखकर राजनीति में प्रवेश करते हैं वो सोचते है कि कैसे देश को बदला जाए और जो लोग बिना पढ़े राजनीति में आते है वो भी ऐसा ही सोचते है की देश को कैसे बदला जाए । बस फर्क होता है दोनों के सोचते समझने की क्षमता में । क्युकी एक देश को सच में बदलता हुआ देखना चाहता है और एक देश को बदलना तो चाहता है किन्तु नकारात्मकता के अनुसार। खैर छोड़ो हम अपने मुद्दे पर आते है। इन सब में एक काला और घनघोर सत्य तो ये भी है कि ये जो अनपढ़ नेता लोग होते है इनको राजनीति में लाने का पूरा पूरा हाथ उन पढ़े लिखे मूर्खो का भी होता है जो देश को बदलने की सोच कर राजनीति में कदम रखते है। किन्तु , वो कहते है ना कोयले की खदान में काम करोगे तो काले होने का खतरा तो है साहब। अब यहां भी देख लो ये भाई साहब इतना पढ़ते है लिखते राजनीति में आते है और जैसे ही इनका संप...